कागजों में है कागदान जमाल रोड टोल फ्री रोड

शायद, भादरा और नोहर कस्बे की ओर जाने वाले यात्रियों को केवल फाइलों में ही टोल फ्री शुल्क माफ किया गया है। इन रूटों पर सफर करने वाले सवारियों से रविवार को भी बेरियर शुल्क देने के लिए मजबूर किया गया। यह केवल प्राइवेट गाड़ियों से सफर करने वाले यात्रियों का ही हाल नहीं है। रोडवेज की बसों से भी सफर करने वाले सैकड़ों मुसाफिरों को बेरियर शुल्क के नाम पर अलग से टिकट काटे जा रहे हैं। पीडब्लूडी ने कागदाना व जमाल के नजदीक बने टोल बेरियर को हटाने का दिशा-निर्देश एक सप्ताह पहले ही जारी कर दिया था। इसके तहत एक अप्रैल से इन रूटों पर चलने वाले गाड़ियों को टोल टेक्स की छूट दी गई थी। निर्णय के बाद परिवहन विभाग ने यात्रियों को कोई राहत देते हुए कागदाना और जमाल रोड को टोल फ्री रोड घोषित कर दिया था तथा बेरियर शुल्क नहीं लेने की बात कही थी। टोल शुल्क के रूप में परिवहन विभाग हर मुसाफिर से तकरीबन दो रुपये अतिरिक्त किराया वसूल कर रही है। जिससे यात्रियों को प्रत्येक दिन आवागमन में चार रुपये अतिरिक्त वहन करना पड़ रहा है। यह विभाग का लेटलतीफी कहा जाए या अधिकारियों की चालाकी। रविवार को यात्रियों से दो रुपये अतिरिक्त किराया वसूला गया। जिससे रोडवेज को ऊपरी आय के तौर पर सीधे सैकड़ों रुपये की आमदनी बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है यह मुनाफा पीडब्लूडी के खातों में जमा न हाकर विभाग के अधिकारियों की जेब में जाएगी। गौरतलब है कि 2004 से कागदाना व जमाल के पास टोल बेरियर शुल्क वसूले जा रहे थे। जिसके कारण भादरा की ओर जाने वाली छह बसों को 45 हजार व नोहर की ओर जाने वाली दो बस को हर माह 22 हजार 500 रुपये की टोल टेक्स के रूप में जमा करवाने पड़ते थे। रोडवेज रोडवेज डिपो के यातायात प्रबंधक राम कुमार का कहना है कि रोडवेज महाप्रबंधक की नियुक्ति देर शाम होने के कारण टोल टेक्स नहीं लेने के संबंध में आदेश अब तक पारित नहीं किया जा सका है। सोमवार को आदेश दे दिए जाएंगे। 
source-जागरण संवाददाता

पुलिस पर बरसी बसपा

भादरा | बसपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व निर्घारित कार्यक्रम अनुसार मंगलवार को ग्राम गांधी बड़ी में हुए गैंगरेप मामले में पुलिस की संदेहास्पद भूमिका के विरोध में उपखंड अघिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।

बसपा प्रदेश महासचिव प्रेम नायक ने क्षेत्र में दलितों पर हो रहे अत्याचार में पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली को निंदनीय बताते हुए दलित समाज को एक होने पर जोर दिया। इस अवसर पर सुखदेवसिंह शेखावत, शैलेन्द्र मेघवाल, साहबराम नायक, श्रवण सिगाठिया व अन्य ने भी सम्बोघित किया। तत्पश्चात राष्ट्रपति के नाम उपखण्ड अघिकारी को ज्ञापन देकर पुलिस उप अधीक्षक नोहर व भिरानी पुलिस थाना स्टाफ को निलम्बित करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रति राज्यपाल, मुख्यमंत्री व गृहमंत्री को भी भेजी गई है।

आरोपी को 16 तक रिमांड पर भेजा

भादरा. मां-बेटे की हत्या की साजिश रचने वाले मास्टर माइंड खेताराम को पुलिस ने मंगलवार को भादरा एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को 16 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा दिया। उल्लेखनीय है कि रामलाल पुत्र चुनीराम जाट ने भिरानी थाने में मामला दर्ज करवाया था कि खेताराम पुत्र जयसिंह निवासी भाडी ने भूमि विवाद को लेकर 28 मार्च की रात्रि को उसकी भाभी राजबाला पत्नी भूपसिंह जाट तथा उसके भतीजे सुनील की हत्या कर दी थी।

भादरा में सड़क जाम, नोहर थाने में नारे

बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के विरोध में बुधवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक संजीव बेनीवाल के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भादरा में प्रदर्शन किया। एसडीएम कार्यालय तक जुलूस के रूप में पहुंचे लोगों ने नारे भी लगाए और अपराधियों को पकडऩे की मांग की। बापूवाला अतिथि सदन से शुरू हुए जुलूस से पहले यहां एक सभा हुई जिसमें बेनीवाल ने जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन जानबूझ कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। यही कारण है कि क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है। स्थिति यह है कि दिन दहाड़े एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाता है लेकिन पुलिस कारणों का भी खुलासा नहीं कर पाती है। क्षेत्र में भूमाफियाओं एवं शराब माफियाओं को शह मिली हुई है। उन्होंने कहा कि भादरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। पहले कृष्णा जोगी हत्याकांड को प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर ठंडे बस्ते में डाल दिया। क्षेत्र में हत्या, बलात्कार जैसे बड़े अपराध आए दिन हो रहे हैं। भू-माफिया गरीबों की जमीन हड़प रहे हैं। क्षेत्र में शराब तस्करी इतनी अधिक बढ़ गई है कि अब परचून की दुकानों पर भी शराब मिलने लगी है। बावजूद ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने नोहर डीएसपी पर भी अपराधियों को शह देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की तो ईंट-से-ईंट बजा देंगे। जनसभा को राजेंद्र जलंधरा, पूर्व सरपंच शिशपाल बेनीवाल, अजीत बेनीवाल, रोशन वाल्मीकि, शंकरलाल, बलवान मेघवाल, पूर्व सरपंच जगदीश पूनियां, जगदीश लोर, कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मास्टर शब्बीर खान, सिद्धार्थ झोरड़, राजेश गिरी, राजाराम कांटीवाल, वीरेंद्र बेनीवाल, भीमसिंह फड़ोलिया, राजदेवसिंह राठौड़, कुलदीप झोरड़ आदि ने संबोधित किया। जनसभा के बाद क्षेत्र के सैकड़ों लोग कस्बे के मुख्य मार्ग पर रोष मार्च निकाला तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सही करने, शराब व भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नोहर डीवाईएसपी हरीराम चौधरी को हटाने की मांग की गई है।
कानून व्यवस्था की आड़ में कर रहे हैं राजनीति
स्थानीय विधायक व संसदीय सचिव जयदीप डूडी ने कहा कि कुछ लोग उन पर इस तरह के आरोप लगाकर ओछी राजनीति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मेरे खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिल रहा इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। डूडी ने कहा कि भिरानी-साहूवाला दोहरे हत्याकांड व गांधीबड़ी गैंगरेप मामले में पुलिस तीन दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। क्षेत्र में कानून व्यवस्था सही है। फिर भी कुछ लोग कानून व्यवस्था की आड़ में राजनीति कर रहे हैं।
 

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